जस्टिस एस वैद्यनाथन ने इस दलील को खारिज कर दिया कि किसी भी शारीरिक हिंसा की स्थिति में शारीरिक चोट लगी होगी और उसकी गैरमौजूदगी में यह नहीं कहा जा सकता है कि पीड़िता यौन उत्पीड़न का शिकार नहीं हुई.from Latest News देश News18 हिंदी https://ift.tt/2MugJea
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