'भीड़ मुझे पीट रही थी, लेकिन मैंने अपना कैमरा नहीं छोड़ा, यही मेरा हथियार है' - Parag Ki News

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Wednesday, January 23, 2019

'भीड़ मुझे पीट रही थी, लेकिन मैंने अपना कैमरा नहीं छोड़ा, यही मेरा हथियार है'

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के अनुसार साल 2015 से लेकर 2018 तक करीब 142 पत्रकार हमलों का शिकार हुए। वहीं साल 1992 से लेकर 2016 के बीच करीब 70 पत्रकार मारे गए।

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