यह फिल्मी प्लॉट नहीं बल्कि हकीकत में घटी एक कहानी है जिसमें एक निर्दोष आदमी 17 साल जेल में रहा उस इल्ज़ाम में जो अपराध उसने किया ही नहीं था. जो वास्तविक अपराधी था उसे 17 साल बाद कानून के मुताबिक सज़ा नहीं दी जा सकती थी.from Latest News क्राइम News18 हिंदी https://ift.tt/2Mydf8o
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